
IIT गुवाहाटी के शोधकर्ताओं ने हाइब्रिड पेरोव्स्काइट मटेरियल पर आधारित एक नई सेमीकंडक्टर तकनीक विकसित की है, जो सोलर सेल की दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ न्यूरोमॉर्फिक कंप्यूटिंग के लिए ज़रूरी एडवांस मेमोरी डिवाइस में भी काम आएगी।
पेरोव्स्काइट एक सेमीकंडक्टर मटेरियल है जो सूरज की रोशनी को बहुत अच्छी तरह सोखकर बिजली में बदलता है। लेकिन इसमें सतह पर खराबी, केमिकल रिएक्शन और ऊर्जा के नुकसान की समस्याएं भी रहती हैं।
इसी को दूर करने के लिए IIT गुवाहाटी की टीम ने 2 नए ऑर्गेनिक मॉलिक्यूल डिज़ाइन किए। जब इन्हें चार्ज ट्रांसपोर्ट लेयर और पेरोव्स्काइट लेयर के बीच बहुत पतली परत के रूप में लगाया गया तो इनसे चार्ज का मूवमेंट बेहतर हो गया।
नई तकनीक की मदद से वैज्ञानिकों ने 25.73% Efficiency हासिल किया। यानी सोलर सेल ने सूरज की किरणों के लगभग एक-चौथाई हिस्से को बिजली में बदल दिया। साथ ही इससे सेल लंबे समय तक स्थिर और प्रभावी भी बना रहा है।
शोध टीम के अनुसार, यही मटेरियल एडवांस मेमोरी और न्यूरोमॉर्फिक कंप्यूटिंग के लिए भरोसेमंद रेसिस्टिव स्विचिंग भी दिखाता है। यह तकनीक पतली-फिल्म वाली है, इसलिए फ्लेक्सिबल इलेक्ट्रॉनिक्स और ऐसे इंटीग्रेटेड डिवाइस के लिए भी ठीक है जो ऊर्जा उत्पादन और डेटा स्टोरेज दोनों एक साथ करे।
इस शोध के आधार पर पेरोव्स्काइट सोलर सेल टेक्नोलॉजी और मेमोरी डिवाइस के लिए कई पेटेंट फाइल किए गए हैं। साथ ही दो रिसर्च पेपर प्रतिष्ठित जर्नल ‘एडवांस्ड फंक्शनल मटेरियल्स’ में प्रकाशित हुए हैं।

