
आप में से कई लोग सोचते होंगे कि हर्बल सिगरेट तंबाकू वाली सिगरेट की तुलना में कम नुकसान पहुंचाती है। लेकिन एक नए शोध से पता चला है, कि हर्बल सिगरेट भी स्वास्थ्य के लिए उतनी ही, या कुछ मामलों में उससे भी ज्यादा हानिकारक हो सकती है।
आईआईटी गांधीनगर और अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनॉय के शोधकर्ताओं ने 4 हर्बल और 2 तंबाकू वाली सिगरेट्स की तुलना की। उन्होंने पाया कि हर्बल सिगरेट से निकलने वाला धुआं सामान्य तंबाकू सिगरेट के धुएं जितना ही नुकसानदायक हो सकता है, और कुछ मामलों में इसके प्रभाव और भी ज्यादा गंभीर पाए गए।
शोधकर्ताओं ने पाया कि हर्बल सिगरेट से निकलने वाले बेहद छोटे कण तंबाकू सिगरेट की तुलना में लगभग 20% ज़्यादा थे। और ये ऐसे कण हैं, जो सांस के ज़रिए शरीर में पहुंचकर हृदय और फेफड़ों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
शोध में यह भी पाया गया, की हर्बल सिगरेट का धुआं शरीर में सूजन और कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने की ज़्यादा क्षमता रखता है। खासतौर पर तेंदू पत्तों में लिपटी हर्बल सिगरेट सबसे ज़्यादा हानिकारक पाई गई।
इसके अलावा… एक तुलसी से भरी हर्बल सिगरेट में तो सीसा यानी lead भी पाया गया है, जिसे दुकानों पर खुलेआम 100% natural और chemical free बताकर बेचा जा रहा है।
Journal of Hazardous Materials में प्रकाशित यह शोध हमें यह चेतावनी देता है, कि केवल हर्बल या निकोटीन-फ्री लिखा होने से कोई सिगरेट सुरक्षित नहीं हो जाती, क्योंकि हर तरह के धुएं में मौजूद हानिकारक कण और केमीकल्स स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकते हैं।
शोधकर्ताओं का कहना है कि भारत में हर्बल सिगरेट पर तंबाकू उत्पादों पर लागू सख़्त नियम लागू नहीं हैं। इसलिए इन उत्पादों पर बेहतर निगरानी और नियम बनाने की ज़रूरत है, ताकि लोग इनके स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को सही तरह से समझ सकें।

