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प्रोफ़ेसर दीपक धर बने ICTP Dirac Medal पाने वाले दूसरे भारतीय

 

Indian Physicist Deepak Dhar Earns Prestigious ICTP Dirac Medal

भारत के जाने-माने सैद्धांतिक भौतिक विज्ञानी दीपक धर को, तीन अन्य वैज्ञानिकों के साथ साल 2026 के डिराक मेडल से नवाज़ा गया है। यह सम्मान International Centre for Theoretical Physics (ICTP) की ओर से दिया जाता है और इसे सैद्धांतिक भौतिकी के प्रतिष्ठित सम्मानों में गिना जाता है।

दीपक धर को यह सम्मान statistical mechanics के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिए मिला है। उन्होंने कई वर्षों तक यह समझने के लिए अध्ययन किया कि बड़ी संख्या में मौजूद छोटे-छोटे कण, मिलकर किसी बड़े सिस्टम के व्यवहार को कैसे प्रभावित करते हैं।

उनके इस शोध से Physical systems को समझने में काफ़ी मदद मिली है। इसका उपयोग भूकंप, यातायात जाम और वित्तीय बाज़ारों में उतार-चढ़ाव जैसी भिन्न प्रणालियों को मॉडल करने के लिए किया गया है।

उनके सबसे प्रसिद्ध कामों में धर का बर्निंग एल्गोरिदम शामिल है। यह सैंडपाइल मॉडल से जुड़ा है और इसका इस्तेमाल self-organised criticality और जटिल प्रणालियों को समझने में किया जाता है। साल 2022 में Boltzmann Medal और 2023 में ‘पद्म भूषण पुरस्कार’ से सम्मानित दीपक धर का जन्म 1951 में उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में हुआ।

इलाहाबाद यूनिवर्सिटी और IIT कानपुर से पढ़ाई करने के बाद वे अमेरिका की कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी गए, जहां उन्होंने महान वैज्ञानिक रिचर्ड फेनमैन  के साथ काम किया, और 1978 में PhD पूरी की।

भारत लौटने के बाद उन्होंने मुंबई स्थित Tata Institute of Fundamental Research (TIFR) और पुणे स्थित Indian Institute of Science Education and Research (IISER) में प्रोफेसर के तौर पर काम किया।

वर्तमान में वे बेंगलुरु स्थित International Centre for Theoretical Sciences-TIFR में, INSA विशिष्ट प्रोफेसर के तौर पर काम कर रहे हैं।

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