पृथ्वी से अरबों किलोमीटर दूर सफर कर रहा NASA का वॉयेजर 1 जल्द ही अंतरिक्ष में एक नया कीर्तिमान बनाने जा रहा है। करीब पांच दशक पहले (5 सितंबर 1977) लॉन्च किया गया यह mission, 18 नवंबर 2026 को, पृथ्वी से एक प्रकाश-दिन की दूरी तय करने वाला पहला मानव निर्मित यान बन जाएगा।
तब यह पृथ्वी से लगभग 25.9 अरब किलोमीटर की दूरी पर होगा – इतनी दूर कि सूरज की रोशनी को भी वहां पहुंचने में पूरे 24 घंटे लगेंगे। यानी पृथ्वी से भेजे गए संदेश को यान तक पहुंचने में 24 घंटे लगेंगे, और इतना ही वक्त लगेगा यान द्वारा भेजे गए संदेश को प्राप्त करने में।
वॉयेजर 1 ने तब भी एक बड़ा कीर्तिमान स्थापित किया था जब अगस्त 2012 में यह सूर्य के प्रभाव वाले area की आखिरी सीमा को पार कर, अंतरतारकीय अंतरिक्ष में पहुंचने वाला पहला स्पेसक्राफ्ट बना था।
केवल 5 साल के लिए बनाया गया यह स्पेसक्राफ्ट आज भी अपना ख़्याल खुद रखना जानता है। पिछले महीने, 18 और 19 अक्टूबर को, कोशिश के बावजूद NASA के Deep Space Network को वॉयेजर 1 का कोई सिग्नल नहीं मिला। लेकिन 20 अक्टूबर 2026 को यान ने दोबारा सिग्नल भेजना शुरू कर दिया।
जांच में पता चला कि यान को पृथ्वी की ओर मोड़े रखने वाले thrusters का एक सेट बंद हो गया था, तो उसके सेफ्टी सिस्टम ने अपने आप बैकअप thrusters चालू कर दिए।
लेकिन सच यह भी है कि हर साल इसके परमाणु जनरेटर की ताकत 4 वॉट कम हो रही है। इसलिए NASA ने इसके तीन पुराने उपकरण बंद कर, तीन कम पावर वाले उपकरण चालू किए हैं…. ताकि 50 साल पहले बनाया गया यह अनोखा अंतरिक्ष यान… अनंत और अंजान रास्तों पर अपनी यात्रा जारी रख सके।

